साइबर ठगी की रकम के लिए म्यूल खाते खुलवाने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठगी की रकम के लिए म्यूल खाते खुलवाने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

गोरखपुर। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गुलरिहा पुलिस ने म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करने के आरोप में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना गुलरिहा में दर्ज मुकदमे के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा के नेतृत्व में निरीक्षक राजमन यादव ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि निषाद पुत्र रामा निषाद निवासी जंगल डुमरी नंबर-1, टोला रघुभगत, थाना गुलरिहा, विनय साहनी पुत्र बिकानू साहनी निवासी मिर्जापुर रुस्तमपुर, दुर्गा मंदिर के पास, थाना रामगढ़ताल, आलोक साहनी पुत्र स्वर्गीय बिरजू निवासी मिर्जापुर रुस्तमपुर, दुर्गा मंदिर के पास, थाना रामगढ़ताल तथा अंकित दूबे पुत्र संजय दूबे निवासी गायत्री नगर, मकान नंबर 291डब्ल्यू, थाना एम्स, गोरखपुर के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को विश्वास में लेकर उनके तथा उनके परिचितों के विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद संबंधित खातों की पासबुक और एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को मंगाने और उसका लेनदेन करने के लिए किया जाता था।

मामले की जानकारी होने पर पीड़ित पक्ष की ओर से थाना गुलरिहा में तहरीर दी गई। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 711/2026 दर्ज किया। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319, 61(2), 351(3), 352 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत कार्रवाई की गई है।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। इसी क्रम में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन के माध्यम से पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले ऐसे बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है। ऐसे खातों को आमतौर पर म्यूल खाते कहा जाता है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

चारों आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक राजमन यादव, उपनिरीक्षक आयुष द्विवेदी, उपनिरीक्षक रिसाग्र त्रिपाठी, कांस्टेबल कुश कुमार, कांस्टेबल संतोष चौहान, कांस्टेबल रवि यादव, कांस्टेबल मुकेश कुमार, कांस्टेबल अनिल कुमार एवं कांस्टेबल बृजमोहन शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध में संलिप्त लोगों और साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल नंबर अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना उन्हें भी साइबर अपराध से जुड़े मामले में कानूनी परेशानी में डाल सकता है।


रिपोर्टर: पवन कुमार

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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