राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण, 1.47 लाख से अधिक मामलों का हुआ समाधान

 राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण, 1.47 लाख से अधिक मामलों का हुआ समाधान

मोटर दुर्घटना पीड़ितों को मिला 3.96 करोड़ मुआवजा, बैंक व राजस्व मामलों का भी निपटारा

टाईम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो, कुशीनगर।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार त्यागी तथा प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाब सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के विभिन्न न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का व्यापक स्तर पर निस्तारण किया गया। विशेष लोक अदालतों में पूर्व में निस्तारित 70 मामलों सहित कुल 1,47,540 वादों का समाधान किया गया। इनमें फौजदारी के 6,211 मामलों का निस्तारण करते हुए 75 हजार 770 रुपये जुर्माने के रूप में वसूल कर राजकीय कोष में जमा कराया गया।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से जुड़े 47 क्लेम वादों का निस्तारण करते हुए मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को 3 करोड़ 96 लाख 60 हजार रुपये का मुआवजा दिलाया गया। वहीं बैंक ऋण संबंधी 702 प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा कर बैंकों ने 3 करोड़ 67 लाख 12 हजार 66 रुपये टोकन मनी के रूप में वसूल किए। इसके अलावा 1,169 राजस्व वादों का भी निस्तारण किया गया।

पारिवारिक न्यायालयों में 50 मामलों का समाधान हुआ। इस दौरान पारिवारिक विवादों के निस्तारण के बाद तीन जोड़ों को माला पहनाकर पुनः साथ विदा किया गया, जो लोक अदालत की मानवीय पहल का आकर्षण बना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यस्थता स्तर पर भी एक मामले का समाधान कराया गया।

पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण राजेन्द्र सिंह-चतुर्थ ने कपूर चन्द्र बनाम द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मामले में पीड़ित पक्ष को 9 लाख 70 हजार रुपये दिए जाने का आदेश पारित किया।

कार्यक्रम में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बार एसोसिएशन पदाधिकारियों, स्थायी लोक अदालत के सदस्यों, एलएडीसीएस टीम तथा बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

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