कलेक्ट्रेट सभागार में ‘दिशा’ समिति की बैठक सम्पन्न, विकास कार्यों की गहन समीक्षा
जल, बिजली, स्वास्थ्य और पर्यटन पर विशेष जोर
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश
टाईम्स आफ कुशीनगर व्यूरों
कुशीनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद विजय कुमार दुबे की अध्यक्षता एवं सह-अध्यक्ष शशांक मणि त्रिपाठी की उपस्थिति में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि ‘दिशा’ समिति एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसके माध्यम से जनपद में संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता से प्राप्त शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उनका त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर लागू करें।
गर्मी के मौसम को देखते हुए बैठक में विद्युत व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनपद में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, जर्जर तारों एवं विद्युत पोलों का समय से प्रतिस्थापन तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। विद्युत उपकेंद्रों पर 24 घंटे कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा उनके संपर्क नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया। विभाग में कर्मचारियों की कमी के संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण किए जाएं।
बैठक में हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा गया कि इससे कुशीनगर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं विकसित हुई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सह-अध्यक्ष शशांक मणि त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 12 महीनों के लिए ठोस एवं परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी नहीं है, इसलिए प्राथमिकताओं को चिन्हित करते हुए अगले 15 दिनों में विस्तृत योजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने जल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। साथ ही अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएं और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से अमल में लाएं।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने समिति को अवगत कराया कि जनपद में तकनीक के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दुर्गा फाउंडेशन के साथ हुए समझौते के तहत कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें एक्सेल, एमएस वर्ड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जानकारी शामिल है।
उन्होंने यह भी बताया कि “जनता दर्शन” प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए एक ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 5 से 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक ग्राम पंचायत में पांच डिजिटल वालंटियर तैयार किए जाने की योजना है, जो ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का कार्य करेंगे। पुराने डीआईओएस कार्यालय परिसर में एआई हब स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा रसोई गैस की उपलब्धता, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति, स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे मशीनों की कमी, दवाओं की उपलब्धता एवं 24 घंटे चिकित्सकों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। इस पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को रात्रि के समय मुख्यालय पर उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अतिरिक्त रेलवे अंडरपास एवं ओवरब्रिज से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की गई और उनके समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।बैठक के प्रारंभ में जिलाधिकारी द्वारा अध्यक्ष, सह-अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और अनुपालन आख्या से अवगत कराया।बैठक में विधायक पडरौना मनीष जायसवाल, विधायक फाजिलनगर सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा, विधायक हाटा मोहन वर्मा, विधायक तमकुही डॉ. असीम कुमार, विधायक खड्डा विवेकानंद पाण्डेय, विधायक रामकोला विनय प्रकाश गौंड, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल सहित सभी ब्लॉक प्रमुख एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘दिशा’ समिति की सक्रियता से जनपद में विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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