नारायणी का ताडंव: अपने ही आशियाने को उजाड़ पलायन पर उतारू लोग


टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो 

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नरायणी नदी ने ऐसी तबाही मचायी है। कि अपने अरमानों का गला घोट लोग अपने ही आशियाने को उजाड़ कर पलायन करने को उतारू है। नरायणी नदी शुक्रवार से अमवाखास के लक्ष्मीपुर को तबाह करने के लिए अतारू है वही शनिवार को नदी का रूख एपी तटबंध पर अहिरौलीदान के कटहरी टोले को तबाह करने पर तुला है।  


स्थिति ऐसी है कि कुशीनगर जिले में नरायणी नदी तबाही मचाने को आतुर है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर के पास नदी अमवा खास मुख्य बांध को काट रही है वहीं इसी तहसील क्षेत्र के एपी बांध के समीप स्थित कचहरी टोला का अस्तित्व समाप्त करने पर तुली हुई है।
जानकारी के अनुसार तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के एपी बांध पर अहिरौलीदान के खैरखुटा में बने 13.950 नोज कट जाने के कारण नदी की धारा सीधे कचहरी टोला में बने नोज 14.400 पर टकरा रही है, कचहरी टोला में बचे हुए कुछ घरों को भी नदी अपने धारा में विलिन करने को आतुर है। 
वर्ष 2011 से ही 80 घरों का यह टोला नदी के निशाने पर है, हर बर्ष जब नदी उफान पर होती है तो किसी न किसी घर को अपने आगोश में ले लेतीहै। वर्ष 2018 तक इस टोले पर मात्र 12 घर ही बच गए थे। इनमें से तीन घर भी पिछले महीने नदी की धारा में विलीन हो गए। बचे घरों में शिवजी सिंह के घर का आधा हिस्सा भी नदी ने शनिवार को अपनी धारा में मिला लिया।
हालात ऐसे है कि कचहरी टोला ढाले पर लगभग 70 दुकानें हैं। इनमें सुनील शर्मा का सहज जनसेवा केन्द्र, रमायन सिंह की खाद की दुकान, गोरख सिंह की किराने की दुकान, राजेश का आयल मिल सहित सभी दुकानदार नदी के रूख को देखते हुए अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिए हैं। गोरख सिंह ने बताया कि नदी की धारा कब हम तक पहुच जायेगी कुछ कहा नही जा सकता शिवजी के घर का आधा हिस्सा नदी की धारा में अंा गया है। मजबूरन हमें अपने दूकानों को खाली करना पड़ रहा है। 
जिलाधिकारी डा. अनिल कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी के साथ नारायणी नदी के किनारे हो रहे कटान की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को रामपुर बरहन पहुचे जहां लक्ष्मीपुर टोले में स्थिति को जाना और बन्धे को हर हाल में बचाने का निर्देश दिया। 

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