आर्दशों पर चलने का प्रयत्न से ही होगा विकास-राखी

टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो 
पडरौना,कुशीनगर । भारत की संस्कृति सभी संस्कृतियों में श्रेष्ठ है। यह संस्कृति राम, कृष्ण व ऋषियों की संस्कृति है। हमें उनके आदर्शो पर चलने का प्रयत्न करना चाहिए। इससे ही सबका विकास होगा।

उक्त शब्द हरिद्वार से आई साध्वी सुश्री राखी भारती के हैं। वह नगर क्षेत्र के शिवधाम माटहेनिया बुजुर्ग में आयोजित महा यज्ञ में श्रद्धालुओं को राम कथा का रसपान करा रही थीं। कथा के माध्यम से उन्होंने श्रीराम के आदर्शो का अनुकरण करने के लिए प्रेरित किया।

कथा श्रवण कराते उन्होंने कहा कि श्रीराम प्रातः काल उठने के बाद माता-पिता व गुरुजनों के चरणों में प्रणाम करने के बाद ही दिनचर्या शुरू करते थे। यह यज्ञ मां कामाख्या देवी शक्ति पीठ से आए तांत्रिक योगी श्यामशरण दास के सानिध्य में हो रहा है।

उन्होंने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तांत्रिक महायज्ञ व परिक्रमा करने से तत्काल फल मिलता है। यज्ञ समिति के लोगों ने बताया कि यह यज्ञ 30 अक्टूबर तक चलेगा। 

रात में 8 बजे से राम लीला का आयोजन किया जाता है तथा दिन में एक बजे से पांच बजे तक श्रीराम कथा का रसपान कराया जाता है। श्रद्धालुओं द्वारा दिन-रात परिक्रमा किया जा रहा है और यज्ञ का फल प्राप्त किया जा रहा है। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ