कुशीनगर में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया रक्षाबन्धन का पर्व

कुशीनगर । उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भाई और बहनों के प्रेम का प्रतीक रक्षाबन्धन का पर्व आज पूरें हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। बहनो ने भाईयों के कलाई पर राखी बाध कर उनके दीर्घायु होने की कामना की।

वही भाईयों ने भी बहनों के इस प्रेम पर उन्हे जीवन भर सुरक्षा देने को संकल्प लिया।
बताया जाता है कि रक्षाबन्धन का यह पर्व अति प्राचीन परम्परा के तहत मनाया जाता है। जिसमें श्रावण मास के पुर्णिमा की उदया तिथि को मनाया जाता है।

विद्वान मनिषि मानते है कि यह पर्व एक प्रेम का पर्व है जिसमें भाई एक कच्चें घागें के बदले बहनों के जीवन पर्यन्त सुरक्षा का बरदान देता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन जौ जरई को कच्चें धागें में बाधकर उसे भाई की कलाई पर बहने बाधती है। उनका यह विश्वास है कि जैसे यह जरई हरी है उसी प्रकार भाई भी जीवन पर्यन्त सुखी रहे।

अफसोस कि उस जरई व कच्चे धागें के राखी का स्थान तमाम आधुनिक राखियों ने ले ली है पर महत्व आज भी उतना ही है जितना हजारों साल पहले था।


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