कुशीनगर में मिलें मुगलकालीन चांदी के सिक्के


  •   उर्दू में लिखा मुगलशासक शाह आलम का नाम
 टाईम्स आफ कुशीनगर ब्यूरों
कुशीनगर । उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में खुदायी के दौरान मुगलकालीन चांदी के सिक्कें बरामद हुए है। जिस पर उर्दू में शाह आलम नाम खुदा हुआ है। ये सिक्के दो सेंटीमीटर व्यास और तीन मिलीमीटर मोटाई के हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर कुछ बच्चे बरवा बाजार के प्राइमरी स्कूल के बगल में ग्रामसभा की जमीन पर घरेलू इस्तेमाल के लिए मिट्टी खोद रहे थे। इसी दौरान मिट्टी में दबा एक घड़ा मिला। बच्चों ने घड़ा खोला तो उसमें सिक्के भरे मिले। बच्चों ने इसकी सूचना गांव में दी। गांव से काफी लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद जिसके भी हाथ सिक्के लगे, वो लेकर भाग गया।
इस बात की सूचना किसी तरह से पूलिस को मिली। मौके पर पहुंचे पुलिस के जवानों ने एक बच्चे को फुसलाकर तीन सिक्के हासिल कर लिए। सूत्रों की मानें तो घड़ा भी चांदी का था और उसमें सोने के सिक्के भी थे।
सिक्कों की प्रमाणिकता के सम्बन्ध में बताया जा रहा है कि शाह आलम मुगल सम्राट थे। जिनका शासनकाल 1728 से 1806 तक माना जाता है। इन्हें अपने पिता आलमगीर से 1761 में बागडोर मिली थी। 14 सितंबर 1803 को इनका राज्य ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन आ गया और ये मात्र कठपुतली बनकर रह गए थे।
1806 में इनकी मृत्यु हुई थी। इनकी कब्र कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की महरौली स्थित दरगाह के निकट बहादुर शाह प्रथम और अकबर द्वितीय के साथ बनी हुई है। बहादुरशाह प्रथम को शाह आलम प्रथम भी कहा जाता था।
इस सम्बन्ध में प्रभारी एसओ नीरज सिंह ने बताया कि सिक्कों को राजकीय संग्रहालय को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन में लगी है। राजकीय बौद्ध संग्रहालय के प्रभारी धनंन्जय राय ने बताया कि सिक्के मुगलकाल के हैं।
इधर एसपी ललित कुमार सिंह ने बताया कि जमीन से निकले सिक्के सरकारी सम्पत्ति हैं। पुरातत्व विभाग से वार्ता की जाएगी। सिक्के ले जाने में जो भी दोषी होंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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