टाईम्स आफ कुशीनगर व्यूरों।
कुशीनगर । भगवान बुद्ध की परिनिवार्ण स्थली कुशीनगर में बदहाली, भूख ओैर कुपोषण की चीख के लिए पहचानी जाने वाली मुसहर बस्तियों के दिन अब बहुरने वाले हैं।जिले के मुखिया जिलाधिकारी लोकेश एम इन दिनों मुसहर बस्तियों को विकास की की मुख्य धारा सेें जोडने के लिए निकल पड़े है। इस के लिए बकायदा बैठक कर विकास के लिए खाका खींच दिया गया हैं और उसके साथ मातहतों को सख्त निर्देश भी जारी किये गये है। 

ज्ञातव्य हो कि कुशीनगर जनपद के 128 ग्रासभाओं में कुल 178 मुसहर बस्ती है। जो आज भी विकास की मुख्य धारा से अलग नीचले पायदान पर खड़ीं हैं। इन बस्तियों में रहने वाले कुल 89881 लोग भूख व कुपोषण की मार से बर्षो से जुझते आ रहे हैं।यही कारण है कि यहां डायरिया, इन्सेफलाईटिस, मलेरिया आदि बीमारियां उत्पन्न हो जाती है। इसके साथ होने वाली मौतों की चीख बराबर सुनाई देती है।
जिलाधिकारी लाकेश एम ने इन बदहाल बस्तियों को अब विकसित करने का मन बनाया है। विकास की मुख्य धारा से दूर इन बस्तियों को पटरी पर लाने के लिए तहसीलवार आंकडे जुटाये जा रहें हैै। इसके लिए बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिया गये है। यह पहला अवसर है जब इन बस्तियों को लेकर किसी प्रशासनिक अधिकारी ने अलग से पहल की है। इन बस्तियों को सरकारी योजना का लाभ देने के साथ ही इन्हें विकसित करने के लिए एक जागरूक अभियान जमीनी रूप से खडा करने की भी योजना बनाई है। जिलाधिकारी की यह पहल रंग लाई तो ये बदहाल बस्तियां विकास की मुख्य धारा से जुड़ कर एक नयी इबारत लिखने को तैयार हो जायेगी। 
इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी मुसहर बस्तियां विकास से दूर खडी हैं वहां गम्भीर समस्या है जिसको दूर करने के लिए अलग से योजना बनाकर कार्य करने की तैयारी चल रही है। मैनेे अपने स्तर से इन बस्तीयों की ओर चलने का निर्णय लिया है। यही शासन की मंशा भी है। शीघ्र ही जमीन पर पहल दिखेगी व बदलाव भी होगा।